अधिक बिजली विभाग ने सतर्कता दिखाते हुए समय रहते जर्जर लाइनों को दुरुस्त किया होता तो शायद यह हादसा रोका जा सकता था।
क्या है मामला ?
जैसे ही गर्मियों की शुरुआत होते ही किसानों की खड़ी फसलों के जलने का सिलसिला शुरू हो जाता है। ज्यादातर अग्निकांड विद्युत अव्यवस्था के कारण हो रहे हैं। बिजली विभाग की लापरवाही का हर्जाना किसान को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ मामला आज हरदोई गुर्जर देखने को मिला हाईटेंशन लाइन की चिंगारियों ने खेतों में पककर खड़ी गेंहू की सूखी फसलों में आग का तांडव मचाया। भीषण गर्मी के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया जिससे ग्रामीणों में चीख पुकार मच गई। दमकल विभाग को सूचना दी गई जिसके बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। बावजूद इसके काफी देर बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आक्रोशित किसान
इस अग्निकांड से आक्रोशित किसानों की उरई का हाईवे पर जाम लगाया इस सारे घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही आननफानन में कोंच के उपजिलाधिकारी अशोक कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और पुलिस की टीम के साथ किसानों के बीच जा पहुंचे। उन्होंने किसानों के साथ बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि नियम अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए तब कहीं जाकर आकर्षित किसान उरई हाईवे खोलने के लिए तैयार हुए ।अग्निकांड देखकर एक बर्बाद किसान को इतना सदमा लगा कि वह मौके पर बेहोश होकर गिर पड़ा। अब देखना यह है कि इस अग्निकांड से क्या प्रशासन कोई सबक लेगा या नहीं ? या फिर इस तरह के हादसे आगे भी होते रहेंगे फिलहाल यह तो वक्त ही बताएगा।


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